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सफाईकर्मी नहीं आ रहा? अपनी गली की शिकायत ऑनलाइन कैसे दर्ज करें

26 अग॰
6 मिनट पठन

शुरुआत छोटी सी होती है। सफाईकर्मी एक दिन आपकी गली में नहीं आता, फिर दो दिन, और हफ्ते के अंत तक आपके गेट के बाहर पत्तों और पॉलीथिन का ढेर लग जाता है। आप पड़ोसी से पूछते हैं तो पता चलता है कि उनके तरफ भी यही हाल है। जिस सफाईकर्मी की तनख्वाह आपके प्रॉपर्टी टैक्स से आती है, वो बस आया ही नहीं।

ज्यादातर लोग या तो इंतज़ार करते हैं या चौकीदार से शिकायत कर देते हैं, जिसके पास इसे ठीक करने की कोई ताकत नहीं होती। लेकिन अब आपको किसी के पास जाकर मिन्नत करने की ज़रूरत नहीं। हर नगर निगम के पास अब ऑनलाइन सिस्टम है जहाँ आप ठीक यही शिकायत दर्ज कर सकते हैं, और ज़्यादातर मामलों में यह वार्ड ऑफिस जाकर दरवाज़ा खटखटाने से कहीं तेज़ काम करता है।

यहाँ पूरा तरीका बताया गया है।


पहले यह समझें — यह आपका हक है, कोई एहसान नहीं

सड़क की सफाई कोई ऐसी सर्विस नहीं है जो नगर निगम अपनी मर्ज़ी से दे या न दे। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स, 2016 के तहत, हर अर्बन लोकल बॉडी — यानी आपका नगर निगम, नगर परिषद या नगर पंचायत — के लिए सड़कों की सफाई और हर घर से कचरा उठाना अनिवार्य है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत शहरों को ऐसी शिकायतों को तय समय में सुलझाने के निर्देश हैं, आमतौर पर शिकायत दर्ज करने के एक-दो दिन के अंदर।

तो जब आप शिकायत करते हैं, तो आप कोई खास मेहरबानी नहीं मांग रहे। आप बस उस सर्विस की बात कर रहे हैं जिसके लिए निगम ने पहले से सफाईकर्मी रखा हुआ है और तनख्वाह भी दे रहा है।


स्टेप 1: स्वच्छता ऐप का इस्तेमाल करें (पूरे भारत में काम करता है)

Swachhata-MoHUA ऐप, जिसे केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय (Ministry of Housing and Urban Affairs) चलाता है, देश के लगभग हर शहर और कस्बे में काम करने वाला एकमात्र राष्ट्रीय ऐप है। यह मुफ्त है, Android और iOS दोनों पर उपलब्ध है, और आपको यह जानने की ज़रूरत नहीं कि किस डिपार्टमेंट को लिखना है — बस एक कैटेगरी चुनिए, बाकी काम ऐप खुद कर देता है।

इस्तेमाल करने का तरीका:

  1. Play Store या App Store से "Swachhata-MoHUA" डाउनलोड करें।

  2. अपने मोबाइल नंबर से रजिस्टर करें। ऐप आमतौर पर आपका शहर खुद ही पहचान लेता है।

  3. "Post a Complaint" पर टैप करें और कैटेगरी में "Sweeping Not Done" चुनें (कचरे के ढेर, मरे हुए जानवर, बंद नाली, गंदे सार्वजनिक शौचालय जैसी और भी कैटेगरी हैं, अगर वो भी लागू होती हों तो उनकी भी शिकायत कर सकते हैं)।

  4. गली की एक ताज़ा फोटो ऐप के अंदर से ही खींचें — इससे तारीख और लोकेशन दोनों अपने आप जुड़ जाते हैं, जिससे शिकायत को नज़रअंदाज़ करना मुश्किल हो जाता है।

  5. गली का नाम या नज़दीकी लैंडमार्क लिखकर एक लाइन का विवरण डालें और सबमिट कर दें।

आपको तुरंत एक कंप्लेंट नंबर मिल जाएगा, और जब सैनिटेशन इंस्पेक्टर कार्रवाई करेगा तो ऐप आपको सूचित करेगा। उस नंबर का स्क्रीनशॉट ज़रूर रखें — बाद में फॉलो-अप के लिए काम आएगा।


स्टेप 2: अपने शहर का खुद का म्युनिसिपल ऐप भी आज़माएं

कई बड़े शहरों का अपना अलग शिकायत ऐप भी है, जो राष्ट्रीय ऐप के साथ-साथ चलता है। ये अक्सर ज़्यादा तेज़ काम करते हैं क्योंकि ये सीधे लोकल सैनिटेशन इंस्पेक्टर से जुड़े होते हैं, न कि किसी केंद्रीय सिस्टम के ज़रिए। अपने शहर के हिसाब से देखें:

  • दिल्ली — MCD 311 ऐप

  • मुंबई — MCGM 24x7 ऐप

  • बेंगलुरु — BBMP Sahaaya

  • पुणे — PMC Care

  • हैदराबाद — MyGHMC

  • चेन्नई — Namma Chennai ऐप

  • कोलकाता — KMC Online

अगर आपका शहर इस लिस्ट में नहीं है, तो "[आपके शहर का नाम] municipal corporation complaint app" सर्च करें — पिछले कुछ सालों में लगभग हर नगर निगम ने अपना ऐप लॉन्च कर दिया है। अच्छा यह होगा कि एक ही शिकायत Swachhata ऐप और अपने शहर के ऐप, दोनों पर दर्ज करें। इसमें बस दो मिनट लगते हैं और आपकी शिकायत सुनी जाने की संभावना दोगुनी हो जाती है।


स्टेप 3: नगर निगम की वेबसाइट पर शिकायत दर्ज करें

अगर आप कोई और ऐप डाउनलोड नहीं करना चाहते, तो हर नगर निगम की वेबसाइट पर "Grievance" या "Register Complaint" का सेक्शन होता है, आमतौर पर होमपेज पर ही। वहां आपसे यह जानकारी मांगी जाती है:

  • आपका नाम और फोन नंबर

  • आपका वार्ड नंबर या इलाका/मोहल्ला

  • शिकायत की कैटेगरी (सैनिटेशन, सफाई या स्ट्रीट स्वीपिंग चुनें)

  • छोटा सा विवरण, और अगर फॉर्म में जगह हो तो एक फोटो

ज़्यादातर पोर्टल आपको एक कंप्लेंट या टिकट आईडी देते हैं, जिससे आप बाद में स्टेटस चेक कर सकते हैं, बिल्कुल कूरियर ट्रैक करने की तरह।


स्टेप 4: अगर लोकल शिकायत से कुछ न हो, तो CPGRAMS पर जाएं

अगर आपने Swachhata ऐप या अपने शहर के पोर्टल पर पहले ही शिकायत कर दी है और एक-दो हफ्ते बाद भी कुछ नहीं बदला, तो आप pgportal.gov.in पर जाकर Centralised Public Grievance Redress and Monitoring System (CPGRAMS) में शिकायत दर्ज कर सकते हैं। यह केंद्र सरकार का ग्रीवांस पोर्टल है, और यहां दर्ज शिकायतें तय समय-सीमा के साथ Ministry of Housing and Urban Affairs को भेजी जाती हैं। यह एक अच्छा अगला कदम है क्योंकि इससे आपकी शिकायत लोकल सिस्टम के बाहर भी रिकॉर्ड में आ जाती है, इसलिए उसे चुपचाप बिना कार्रवाई किए बंद करना आसान नहीं रहता।


स्टेप 5: सोशल मीडिया पर अपने नगर निगम को टैग करें

यह कोई आधिकारिक तरीका नहीं है, लेकिन भारत में यह अक्सर हैरान करने वाले नतीजे देता है। ज़्यादातर नगर निगम, मेयर और यहां तक कि वार्ड काउंसलर भी X (पहले Twitter) पर सक्रिय रहते हैं, और फोटो के साथ एक पब्लिक पोस्ट, जिसमें आपका वार्ड नंबर और उनका हैंडल टैग हो, अक्सर किसी फॉर्म से कहीं तेज़ ध्यान खींच लेती है — आखिर कोई भी नहीं चाहता कि गंदी सड़क की शिकायत उनकी अपनी टाइमलाइन पर दिनों तक बिना जवाब के पड़ी रहे। "[इलाके का नाम], वार्ड [नंबर] में 6 दिन से सफाईकर्मी नहीं आया @[आपके शहर का निगम हैंडल]" जैसा छोटा सा पोस्ट, फोटो और अगर पहले से कंप्लेंट नंबर हो तो वो भी साथ में डालें — अक्सर इतना ही काफी होता है कॉलबैक आने के लिए।


शिकायत में क्या डालें ताकि उस पर सच में कार्रवाई हो

अस्पष्ट शिकायत का जवाब भी अस्पष्ट ही मिलता है। सबमिट करने से पहले सुनिश्चित करें कि आपके पास यह हो:

  • साफ फोटो — बिना सफाई वाली जगह की, अगर हो सके तो फ्रेम में तारीख दिखाने वाली कोई चीज़ भी हो, जैसे अखबार या फोन की घड़ी

  • सही लोकेशन — गली का नाम, मकान या प्लॉट नंबर, या कोई नज़दीकी लैंडमार्क जो उस सैनिटेशन इंस्पेक्टर को भी समझ आए जो आपकी गली से वाकिफ नहीं

  • कब से यह चल रहा है — "5 दिन से नहीं आया" कहना "सफाईकर्मी नियमित नहीं आता" से कहीं ज़्यादा असरदार है

  • आपका वार्ड नंबर, अगर पता हो (आमतौर पर प्रॉपर्टी टैक्स रसीद पर छपा होता है, या निगम की वेबसाइट पर मिल जाता है)

आप जितना स्पष्ट लिखेंगे, आपकी शिकायत को बिना किसी को भेजे "resolved" मार्क करना उतना ही मुश्किल होगा।


शिकायत करने के बाद क्या होता है

शिकायत दर्ज होते ही, वो आमतौर पर आपके वार्ड के सैनिटेशन इंस्पेक्टर को असाइन कर दी जाती है। ज़्यादातर शहर "sweeping not done" जैसी शिकायत को 24 से 48 घंटे के अंदर बंद करने की कोशिश करते हैं। जब शिकायत resolved मार्क होगी तो आपको SMS या ऐप नोटिफिकेशन मिलेगा — और यहां ध्यान रखने वाली बात यह है कि अगर नोटिफिकेशन आने के बावजूद सफाईकर्मी अब भी नहीं आया, तो इसे यूं ही मत छोड़िए। अगर ऐप में दोबारा खोलने (reopen) का ऑप्शन हो तो उसका इस्तेमाल करें, या पुराने टिकट नंबर का हवाला देते हुए नई शिकायत दर्ज करें।


अगर एक हफ्ते बाद भी कुछ न हो

कभी-कभी शिकायत बिना कार्रवाई के पड़ी रह जाती है, खासकर उन इलाकों में जहां सफाई का कॉन्ट्रैक्ट संभालने वाली कंपनी के पास स्टाफ की कमी हो। ऐसे में:

  1. अपने वार्ड के सैनिटेशन इंस्पेक्टर को सीधे कॉल या WhatsApp करें। उनका नंबर अक्सर नगर निगम की वेबसाइट पर "Ward Officers" जैसे सेक्शन में मिल जाता है।

  2. अपने लोकल काउंसलर को मैसेज करें। काउंसलर खासतौर पर आपके वार्ड की नुमाइंदगी करने के लिए चुने जाते हैं, और कंप्लेंट नंबर व फोटो के साथ एक मैसेज अक्सर फाइल को आगे बढ़वाने के लिए काफी होता है।

  3. CPGRAMS के ज़रिए एस्केलेट करें, जैसा ऊपर बताया गया, अगर एक हफ्ते से ज़्यादा हो चुका है और कोई जवाब नहीं आया।

अगर सफाई की समस्या बार-बार और लगातार बनी रहे, तो इसकी शिकायत स्टेट पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड को भी की जा सकती है, लेकिन यह वाकई एक आखिरी रास्ता है, उन मामलों के लिए जहां वार्ड-लेवल के तरीके एक से ज़्यादा बार सच में नाकाम रहे हों।


जाने से पहले एक छोटी सी बात

एक बार शिकायत करने से हमेशा के लिए समस्या ठीक हो जाए, ऐसा ज़रूरी नहीं — सफाईकर्मी का ट्रांसफर होता रहता है, कॉन्ट्रैक्ट बदलते रहते हैं, और वही गली कुछ महीनों बाद फिर नज़रअंदाज़ हो सकती है। अगर आपकी गली में यह समस्या बार-बार आती है, तो Swachhata ऐप और अपने शहर का पोर्टल बुकमार्क कर लेना बेहतर है, ताकि शिकायत करना एक बड़ा काम न लगे, बल्कि दो मिनट की आदत बन जाए। साफ गली अक्सर उन्हीं चंद निवासियों की वजह से बनी रहती है जो तब तक शिकायत करते रहते हैं जब तक निगम को पैटर्न नज़र न आ जाए।

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